लता मंगेशकर ने अपनी पसंद का इज़हार किया है बस... और कल तक उनके प्रति श्रद्धा-भाव रखने वाला देश आज फेसबुक पर कई फाड़ हो गया है.. फेसबुक पर देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा मौजूद है.. इसलिए यहाँ कही-सुनी जा रही बातो को नज़रअंदाज किया जाना संभव नहीं... आज लता जी मोदी विरोधियो और कांग्रेस समर्थकों के निशाने पर है.. अभी ज्यादा वक्त नही बीता, जब अमर्त्य सेन ने अपनी नापसंद का इजहार किया था, तब इसी तरह मोदी समर...्थको और कांग्रेस विरोधियो ने उन्हें,उनकी बेटी सहित निशाने पर ले लिया था.. वर्तमान राजनितिक चरित्र का ही विरोधी होने के कारण मै मोदी और कांग्रेस का भी विरोधी हूँ...लेकिन फिर भी मै लता मंगेशकर और अमर्त्य सेन द्वारा अपनी पसंद,नापसंद जाहिर करने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार के समर्थन में खड़ा हूँ....मै लानत भेजता हूँ उस सोच पर,जो किसी के अपना मत जाहिर करने मात्र से, उसे अपने विपक्ष में पाकर इस हद तक बौखला जाती है कि उसका व्यक्तिगत चरित्र-हनन करती है और रास्ट्रीय जीवन में उसके कालातीत योगदान को खुद अपने सिर के बल खड़े होकर देखती व खारिज करती है.यह और चाहे कुछ भी हो...,लोकतांत्रिक मिजाज नहीं हो सकता... और अगर हमारे अन्दर पिछले ६६ सालो में इतना भी लोकतंत्र दाखिल नहीं हो सका है, तो हम उन नेताओं और सरकारों से कहीं अधिक करप्ट और अलोकतांत्रिक लोग है, जिन्हें रोज फेसबुक पर बैठकर खाना खा-खा के और पानी पी-पी के कोसते है.लता मंगेशकर की सामाजिक प्रतिष्ठा, हालांकि हम जैसे चोचलेबाजो के प्रमाणपत्र पर नही टिकी है ,लेकिन बावजूद उसके हमारा निहायत नैष्ठिक सरोकार होना चाहिए कि उनके असम्मान में एक भी शब्द न सोचा जाये,न कहा जाये,न लिखा जाये...इस बात से किसे इंकार है कि हमारी पीछे की तीन पीढियों से लेकर अबतक का हमारा सामाजिक जीवन लता मंगेशकर की अखंड संगीत-साधना के साथ-साथ धडकता रहा है.. उनके बारे में कुछ भी कमतर कहके,हम अपना ही वजूद खोयेंगे,बिलकुल उसी तरह जैसे अमर्त्य सेन के साथ किये गये बर्ताव के कारण हम खुद अपनी ही नजरो में पहले गिरे..लोकतंत्र क्या ख़ाक परिपक्व हुआ है..?? सरकारों से नहीं...,हमसे और आप से बनता है लोकतंत्र. कैसा विद्रूप है कि हमने जो लोकतंत्र पकाया है,वह किसी के अपनी पसंद-नापसंद जाहिर करने भर से उसके प्रति अपनी निष्ठाएं बाँट लेता है.. बहुत ऊँची आवाज मे कहना चाहता हूँ कि इस बात में नहीं कि कल मोदी प्रधानमंत्रीहोंगे......या राहुल......या कोई और.......!!
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