Tuesday, 12 November 2013

पतनशील लोकतंत्र में आखिरी उम्मीद

११ की शाम प्रशांत जी को फोन मिलाया तो बोले मै बिजावर में हूँ प्रेम जी,......१९ दिसम्बर को कुशीनगर में हिन्द स्वराज पर एक गोष्ठी का आयोजन है.मै चाहता हूँ कि आप भी उसमे शामिल हों.सामदोंग रिंपोंछे मुख्य अतिथि होंगे.....वे बोले जरूर आऊंगा,अभी तो चुनाव तक बिजावर में काफी व्यस्त हूँ.मैंने कहा..चुनाव और प्रशांत जी..?ये तो कोई मेल नही है.खैर मैंने पूछा...चुनाव तक...?क्या कोई खास बात है...?उसके बाद जो बातें और जानकारी सामने आई,वो आप सबके साथ शेयर करने से पहले ये बताना जरूरी है कि प्रशांत जी मेरे फ्रेंड,फिलोसोफर और गाइड हैं.. यानी मेरे वैचारिक गुरु.. उनका सबसे बड़ा परिचय ये है कि वे सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन में लोकनायक जय प्रकाश नारायण के अन्तरंग सहयोगी तथा उनके प्रिय रहे.उस पूरे दौर को जीने, महसूस करने,योजनाये बनाने और मोर्चे गढ़ने के काम में प्रशांत जी,जे पी के अनन्य सहयात्री रहे.. कभी धर्मयुग जैसी पत्रिका में फीचर सम्पादक के तौर पर धर्मवीर भारती के साथ काम करने वाले प्रशांत जी बाद में भारतीय विद्या भवन कि पत्रिका नवनीत के सम्पादक भी रहे.. गाँधी विचार के ख्यातिलब्ध व्याख्याता के तौर पर देश की बौद्धिक जमात में अपनी व्यापक पहचान रखने वाले प्रशांत जी उडीसा में पोस्को विरोधी आन्दोलन को पिछले कई सालो से दिशा दे रहे है.. उन्होंने २००२ के गुजरात दंगो के दौरान भी पीड़ितों की उल्लेखनीय सेवा की. आजकल वे मुंबई में रहकर अपने रचे राष्ट्रीय युवा संगठन (RYS) को आकार दे रहे है..प्रशांत जी से जो बाते हुईं उनसे पता चला कि प्रशांत जी आजकल बिजावर में क्या कर रहे है.. मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में आने वाले बिजावर विधानसभा क्षेत्र में कोई ढाई सौ गाँव आते है.पिछले दस महीनो में RYS के कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर मतदाताओ के साथ बैठ बैठ कर उनका शिक्षण व संगठन का काम किया.. बिजावर में लोकतंत्र अभियान चल रहा है जिसके तहत करीब दो सौ गावो में मतदाता परिषदों का गठन किया गया है.. हर परिषद् ने दस सदस्यों वाली अपनी एक कार्य समिति और अपने एक ग्राम प्रतिनिधि का चुनाव किया है.. इस तरह कुल २०० ग्राम प्रतिनिधि चुन लिए गये है.. और इन्हें ही बिजावर विधानसभा क्षेत्र का हाईकमान घोषित किया गया है.. मतदात परिषदों ने अपने हाईकमान को निर्देश दिया कि वे एक लोक उम्मीदवार चुने.. संभावित लोक उम्मीदवारों के नाम सभी गावो से आये और सर्वसहमति से यह सूची तमाम काट छांट के बाद ४ नामो तक पहुंची.अंततः तीस वर्षीय निरंजन कुमार तिलक,जो पेशे से शिक्षक हैं और सबकी मदद करने के लिए हर समय तैयार पाए जाते है, को लोक उम्मीदवार चुन लिया गया.. प्रशांत जी ने बताया कि जब 25 नवम्बर को सारा मध्यप्रदेश वोट डालने जाएगा,तब मतदाताओ को मिलेंगे राजनितिक पार्टियों द्वारा थोपे गये उम्मीदवार लेकिन बिजावर के मतदाताओ को मिलेगा एक ऐसा उम्मीदवार जिसको खुद मतदाताओ ने ही टिकट दिया है.. बिजावर में एक नयी स्थिति बनी है जहाँ अन्य पार्टियां अपने ही मतदाताओं के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रही है.इस अभियान की तरफ से सभी पार्टियों को एक पत्र भेजा गया है कि लोकतंत्र का क्षितिज व्यापक करने वाले इस प्रयोग का सम्मान कीजिये और बिजावर से अपनी पार्टी का उम्मीदवार मत खड़ा कीजिये.लेकिन किसी ने भी जवाब देने की जहमत नही उठायी.प्रशांत जी कहते हैं कि राहुल बनाम मोदी जैसी टुच्ची राजनीति में लोकतंत्र को बंधक बना देने वालों को यह समझ में आये या न आये,लेकिन बिजावर ने चुनावी अखाड़े में स्वयं मतदाता को ही ला खड़ा किया है.यह मतदाता ही हमारे पतनशील लोकतंत्र की आखिरी उम्मीद है.

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